“वर्ण व्यवस्था” शीर्षक नामक पुस्तक के अनुसार गांधी द्वारा वर्णव्यवस्था की व्याख्या


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1925 में गुजराती भाषा में “वर्ण व्यवस्था” शीर्षक नामक पुस्तक के अनुसार गांधी द्वारा वर्णव्यवस्था की व्याख्या –

1- मैं विश्वास करता हूँ कि वर्णों का विभाजन जन्म के आधारित है।

2- वर्णव्यवस्था में ऐसी कोई बात नहीं है जो शूद्रों को विद्याध्ययन अथवा सैनिक युद्ध कला सीखने से वंचित करती हो। इसके विपरीत क्षत्रिय को सेवा अथवा नौकरी करने में कोई रोक नहीं है। वर्णव्यवस्था इस बात की अनुज्ञा देता है कि शूद्र धनोपार्जन के लिए अध्ययन नहीं करेगा न क्षत्रिय ही धनोपार्जन के लिए सेवा कार्य अपनायेगा। इसी प्रकार ब्राह्मण युद्ध कला सीख सकते हैं परन्तु उसे अपनी जीविका का साधन नहीं बनायेगा। वैश्य विद्या प्राप्त कर सकता है अथवा युद्ध सीख सकता है परन्तु उन्हें धनोपार्जन का साधन नहीं बना सकता।

3- वर्णव्यवस्था का जीविका संचालन से संबंध है। इसमें कोई हानि नहीं यदि किसी एक वर्ण का आदमी दूसरे वर्ण के कला और व्यवसाय में ज्ञान प्राप्त कर उसमें पारगंत हो जाता है। परन्तु जहाँ तक धनोपार्जन का संबंध है उसे अपने ही वर्ण का व्यवसाय अपनाना ठीक होगा जिसका अर्थ यह होगा पीढ़ि-दर-पीढ़ि से चले आये पैतृक व्यवसाय को ही अपनाना।

4- वर्णव्यवस्था का उद्देश्य है प्रतिस्पर्धा और बराबरी करने की प्रवृत्ति से रोकना तथा वर्ग संघर्ष से रोकना। मैं वर्णव्यवस्था में विश्वास करता हूँ क्योंकि इससे लोगों के कर्तव्यों और व्यवसायों का निर्धारण होता है।

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5- वर्ण का अर्थ है मनुष्य के जन्म लेने से पहले उसके व्यवसाय का निर्धारण।

6- वर्णव्यवस्था में किसी मनुष्य को अपनी पसंद का व्यवसाय करने की स्वतंत्रता नहीं होती। उसका व्यवसाय पैतृक व्यवसाय जन्म से ही निर्घारित रहता है।

सन्दर्भ:- राजेन्द्र मोहन भटनागर, पुस्तक: डॉ. अंबेडकर : चिंतन और विचार, पृष्ठ क्रंमाक – 318 और 319

From – Satyendra Singh

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1 comment

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  1. 1
    Dr.Berwa

    I read this note on late Mahatama Gandhi ji and Varna system.For detail one can consult a Book Edited by Bhim Patrika,”Gandhi and Gandhism” by Dr. Ambedkar.If any body studied Gandhi ji ,seriously it was Dr.Ambedkar who put every sentence of Gandhi ji on the anvil and had very frank opinion on Gandhi ji. There can be nobody better authority on Gandhi then Dr. Ambedkar.
    Also one can read Dr.Ambedkar’s book” What Congress and Gandhi has done to the untouchable” And mind you this book was written when Gandhi ji was alive and there was no credible rebuttal.

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