बाबा साहेब डॉ० भीमराव आंबेडकर का अपमान मत करो


Share

जैसा कि सभी जानते हैं कि बाबा साहेब डॉo भीमराव आंबेडकर विश्वरत्न है। बाबा साहेब डॉ० आंबेडकर पूरी दुनिया में अपने त्याग, समर्पण, मानवतावादी दृष्टिकोण, शोषितों के मसीहा, शिक्षा, संगठन और संघर्ष की बदौलत जाने जाते हैं। सर्वविदित है कि बाबा साहेब डॉ0 भीमराव आंबेडकर से बड़ा विद्धवान अभी तक भारत में कोई पैदा नही हुआ है। देश के गरीब, शोषित, वंचित तथा उपेक्षित समाज के प्रति उनके त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता। संपूर्ण देश तथा समाज के प्रति उनके जैसा कोई बलिदानी और त्यागी भी भारत में अभी तक पैदा नही हो सका है। बाबा साहेब ने जीवन पर्यंत मनुवादियों का अपमान सहन किया और गरीबी भी सहन की, किन्तु उन्होंने अपना आत्मसम्मान कभी किसी के हाथो बिकने नही दिया। उनके जैसा आत्मसम्मान पाने वाला व्यक्ति भारत में आज तक पैदा नही हो सका है।

कौन नही जानता कि बाबा साहेब के उपकारों की बदौलत आज:-

1-देश के करोड़ों लोगों को छुआछूत से छुटकारा मिल गया।
2-देश के करोड़ों लोगों की गरीबी दूर हो गई।
3-देश की करोड़ों महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिल गया।
4-देश के करोड़ों लोग अधिकारी-कर्मचारी, डॉक्टर, इंजीनियर्स, वकील, जज  आदि बन गए।
5-देश के लाखों गरीब लोग व्यापारी बन गये।
6-देश के लाखों लोग विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री तक बन गए।
7-देश के लाखो लोग ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, पार्षद, प्रधान, प्रमुख और मेयर बन गए।
8-अनुसूचित जाति और पिछड़े समाज के अनेकों लोग राज्यपाल, राजदूत, न्यायाधीश और मुख्य न्यायाधीश तक बन गए।
9-अनुसूचित जाति और पिछड़े समाज से देश के सर्वोच्च नागरिक अर्थात राष्ट्र्पति तक बन गए।
10-लाखों लोग अरबपति और करोड़ों लोग करोड़पति बन गए।

उपरोक्त के अलावा देश में :-

1- बाबा साहब डॉ० अंबेडकर द्वारा इंटर्न कमीशन के समक्ष प्रस्तुत किए गए विचारों के आधार पर रिजर्व बैंक की स्थापना हुई।
2-भाखड़ा नांगल बाँध एवं दामोदर घाटी जैसी अनेकों सिंचाई परियोजनाओं का संचालन हुआ।
3-बिजली उत्पादन और थर्मल पावर की समस्याओं का विश्लेषण करने, बिजली प्रणाली के विकास तथा पनबिजली सर्वेक्षण के लिए “केंद्रीय तकनीकी विद्युत बोर्ड” (CTPB) के माध्यम से ग्रिड सिस्टम को स्थापित कराया गया।
4-देश की सभी महिला कार्मिको को प्रसूति अवकाश का अधिकार तथा महिला और बाल श्रम संरक्षण अधिनियम (महिलाओं के श्रम बिल के लिए) पारित कराया गया।
5-मजदूरो को 14-16 घंटे के स्थान पर 8 घंटे काम लेने की व्यवस्था तथा श्रमिकों एवं कर्मचारियों के कल्याण के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और श्रम कल्याण कोष की स्थापना कराई गई।
6-भारतीय सांख्यिकी कानून: 1942 में भारतीय सांख्यिकी अधिनियम पारित कराया गया।
7-कर्मचारियों को काम करने के दौरान शारीरिक रूप से विकलांगता, चिकित्सा देखभाल, चिकित्सा अवकाश से सम्बंधित क्षतिपूर्ति के लिए कर्मचारी राज्य बीमा(ईएसआई) की स्थापना कराई गई।
8- मार्च 1944 में केन्द्रीय जल सिंचाई और नेविगेशन आयोग (CWINC) की स्थापना की।
9- द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत पुनर्निर्माण समिति की स्थापना करके बाबा साहेब डॉ० आंबेडकर द्वारा देश में कृषि, उद्योग तथा आर्थिक सुधार पर जोर दिया गया।
10- बाबा साहेब डॉ० अंबेडकर ने संसद में हिंदू कोड बिल पेश करके महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी ! जो आगे चलकर हिन्दू कानून का रूप धारण किया ! जिससे महिलाओं को बराबरी का हक़ मिला।
11- बाबा साहब डॉ० भीमराव अंबेडकर के अथक प्रयासों की बदौलत ही भारत में राष्ट्रीय रोजगार एजेंसी की स्थापना हो पाई।
12- अंततः सबसे बड़ा योगदान यह कि भारतीय संविधान की रचना करके बाबा साहब डॉ० भीमराव अंबेडकर ने देश के सभी नागरिकों में समता, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को स्थापित किया।

Read -  BJP Must Stop Using Babasaheb's Name to Further its Vicious Agenda

उपरोक्त के आलावा देशहित में अनेकों काम बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अंबेडकर द्वारा किये गए है।
क्या ऐसा और इतना महान कार्य देश के किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया?
इसका सिर्फ एक ही उत्तर है-नहीं।

किसी खास नेता या व्यक्ति ने किसी सामान्य व्यक्ति के लिए कुछ खास भला अवश्य किया हुआ संभव हो सकता है, जिस कारण वह व्यक्ति भला करने वाले उस खास व्यक्ति या नेता का अनुयाई या भक्त या अंधभक्त हो सकता है। वह व्यक्ति उस भला करने वाले के कार्यो का गुणगान भी कर सकता है, उसके चरित्र का भी गुणगान कर सकता है, उसमे हमें कोई आपत्ति नही है।

कोई खास व्यक्ति या नेता बाबा साहेब डॉ० आंबेडकर के बाद अनेको सामाजिक कार्य या देश हित में किये गये कार्य करने वाला भी हो सकता है, उसके अनुयाई, या भक्त या अंधभक्त उसका भी गुणगान कर सकते हैं, उसके चरित्र का भी गुणगान कर सकते हैं, उसमे भी हमे कोई आपत्ति नहीं है। किन्तु बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अंबेडकर द्वारा किये गए उपरोक्त महान कार्यों के के बराबर देश के किसी भी व्यक्ति द्वारा आज तक कार्य नहीं किये गए है। इसी के मद्देनजर बाबा साहेब की तुलना किसी भी व्यक्ति से करना बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर का घोर अपमान है। बाबा साहेब के अनुयाइयो व किसी भी खास व्यक्ति या महिला या नेता के अनुयायियों या भक्तों या अंधभक्तो से मेरा हाथ जोड़कर अनुरोध है कि वे बिना सोचें समझे जल्दबाजी या भावुकता में बाबा साहेब की तुलना भारत के किसी भी व्यक्ति या महिला से कदापि न करें।

कृपया बाबा साहेब डॉ० भीमराव आंबेडकर द्वारा किये गए त्याग और बलिदान तथा उनके द्वारा किये गए महानतम कार्यों का पूर्णतः सम्मान करे।
हमें गर्व है कि हम दुनिया के उस महानतम युगपुरुष, मनुवादियों से लड़कर देश के सभी गरीबो और महिलाओ को अधिकार दिलाने वाले महानतम योद्धा, पूरी दुनिया में ज्ञान के प्रतीक, भारतीय संविधान के निर्माता, विश्व रत्न, बोधिसत्व, बाबा साहेब डॉ० भीमराव आंबेडकर के अनुयायी हैं और वे ही हमारे मार्गदर्शक और प्रेरणाश्रोत हैं।

Prakash Gautamद्वारा– इं० डी० प्रकाश गौतम 
(लेखक भारतीय मूलनिवासी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।)

More Popular Posts On Velivada

1 comment

Add yours
  1. 1
    Nitin V Bagul

    Please, don’t use
    हिंदू लोगो जेसे बाबासाहब जी का नाम बाबासाहेब डॉ. भिमराव आंबेडकर इस तरह लिखकर अपमान मत करे
    क्योंकि कोइभि अपना पेटनेम पहले लिखकर बादमे अपनी उपाधि(डॉक्टर ,अॅड ) फिर अपना नाम और सरनेम नहि लिखते
    इस लिये बाबासाहब जीका नाम लिखते वक्त विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इसतर ही लिखे

+ Leave a Comment